Indigo Share Price: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है। करीब एक हफ्ते से फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर यात्रियों, एविएशन सेक्टर और कंपनी के शेयर पर दिखाई दे रहा है। Indigo Share Price आज 9% गिरकर 4842 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को साफ दर्शाता है।
संकट की शुरुआत कैसे हुई?
इंडिगो घरेलू बाजार में लगभग 60% मार्केट शेयर रखती है, इसलिए किसी भी ऑपरेशनल दिक्कत का असर सीधे पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर पर पड़ता है। बीते 7 दिनों में कंपनी ने 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं, जिससे हजारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंस गए। इस संकट की मुख्य वजह बताई जा रही है — नए FDTL नियम, पायलट और क्रू की कमी, शेड्यूल डिसरप्शन और एयरपोर्ट कंजेशन। इन सभी कारणों ने मिलकर एक “कैस्केडिंग इफेक्ट” पैदा किया।
कब कितनी उड़ानें रद्द हुईं?
नीचे दिए गए आंकड़े पिछले एक हफ्ते में बढ़ते संकट की तस्वीर दिखाते हैं—
| अवधि | उड़ानें रद्द | कुल निर्धारित उड़ानें | रद्दीकरण प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 7 दिन | 4,500+ | लगभग 7,000 | 64% |
| पिछले 6 दिन | 3,900+ | — | — |
| पिछले 1 दिन | 650+ | 2,300 में से 650 | 28% |
इन आंकड़ों से साफ है कि इंडिगो की रोजमर्रा की ऑपरेशंस काफी प्रभावित हुए हैं।
सरकार और DGCA की कार्रवाई
विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने संसद में कहा है कि इस मामले में की गई कार्रवाई पूरे सेक्टर के लिए “मिसाल” बनेगी। DGCA ने कंपनी को नोटिस जारी किया है और जवाब शाम 6 बजे तक मांगा गया है। सरकार का कहना है कि एयरलाइन इंडस्ट्री में अधिक कंपनियों की एंट्री जरूरी है, ताकि यात्रियों का बोझ एक ही खिलाड़ी पर न रहे।
IndiGo मैनेजमेंट का दावा
IndiGo के CEO ने आश्वस्त किया है कि 10 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। कंपनी शेड्यूल को री-बैलेंस कर रही है और क्रू आवंटन को फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है।
Indigo Share Price Target
हालांकि फ्लाइट कैंसिलेशन से शॉर्ट-टर्म प्रेशर बढ़ा है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म्स लंबी अवधि के लिए अब भी पॉजिटिव हैं।
UBS की राय
UBS ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट घटाकर 6,350 रुपये कर दिया है। UBS का मानना है कि
- नए FDTL नियमों और क्रू की कमी से लागत बढ़ेगी,
- रुपये की कमजोरी इंडिगो की विदेशी खर्चों को प्रभावित करेगी,
लेकिन इंटरनेशनल एक्सपैंशन कंपनी के लिए लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ ड्राइवर रहेगा।
Jefferies की राय
जेफरीज़ ने भी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट 7,025 रुपये दिया है। फर्म का कहना है कि—
- नए नियमों ने पायलट ड्यूटी आवर्स कम कर दिए,
- जिससे अधिक क्रू की जरूरत और ऑपरेशनल डिसरप्शन हुआ,
लेकिन मध्य दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
शॉर्ट टर्म में Indigo को बढ़ी हुई लागत, रुपये की कमजोरी, DGCA की संभावित पेनाल्टी और ऑपरेशनल दिक्कतों से जूझना पड़ेगा। मार्केट की नजरें अब इस बात पर होंगी कि कंपनी दिसंबर के अंत तक ऑपरेशंस को कितनी तेजी से सामान्य कर पाती है।



