NTPC Share Price : Maharatna PSU NTPC अब सिर्फ थर्मल और सोलर तक सीमित नहीं है। कंपनी अब भारत के न्यूक्लियर एनर्जी मिशन में सबसे बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। NTPC देशभर में 700 MW, 1,000 MW और 1,600 MW क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plants) स्थापित करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बड़ा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत की प्रस्तावित 100 GW परमाणु क्षमता में 30% यानी 30 GW योगदान दे। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा, दीर्घकालिक बिजली जरूरत और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्य को मजबूत करेगा।
NTPC Share Price Details
NTPC के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कंपनी गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में जमीन की पहचान कर रही है। शुरुआत से प्लांट के चालू होने तक लगभग 3 साल का समय लगता है और 1 GW क्षमता वाले न्यूक्लियर प्लांट के लिए लगभग ₹15,000-20,000 करोड़ तक का निवेश आवश्यक है।
| परियोजना क्षमता | अनुमानित निवेश (₹ करोड़ में) | अनुमानित समय |
|---|---|---|
| 700 MW | 10,500 – 14,000 | 3 वर्ष |
| 1000 MW | 15,000 – 20,000 | 3 वर्ष |
| 1600 MW | 24,000 – 32,000 | 3 वर्ष |
NTPC Share Price Capacity Model
कंपनी एक मल्टी-लेवल एप्रोच के तहत निम्न तीन क्षमता वाले मॉडल डेवलप कर रही है:
- 700 MW – PHWR तकनीक पर आधारित
- 1000 MW – प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR)
- 1600 MW – अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग की संभावना
Regulatory Approval & Land Acquisition
NTPC की परमाणु परियोजनाएं AERB (Atomic Energy Regulatory Board) द्वारा चिन्हित और अनुमोदित स्थलों पर ही विकसित की जाएंगी। कंपनी उन सभी राज्यों में कार्य करेगी जिन्हें AERB ने उपयुक्त घोषित किया है। इसका मतलब है कि सभी न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स भारत की सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप होंगे।
NTPC Share Price Analysis
परमाणु ऊर्जा के लिए सबसे जरूरी ईंधन है यूरेनियम। इसी को ध्यान में रखते हुए NTPC विदेशों में यूरेनियम खदानों एवं संसाधनों की खोज कर रही है। कंपनी ने Uranium Corporation of India Limited (UCIL) के साथ संयुक्त टेक्नो-कमर्शियल स्टडी के लिए समझौता भी कर लिया है। इसका प्रमुख उद्देश्य है—फ्यूल सिक्योरिटी और लॉन्ग-टर्म न्यूक्लियर ऑपरेशन।
NTPC Business Model
NTPC की योजना है कि वह:
- 700 MW और 1000 MW न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए स्वदेशी PHWR टेक्नोलॉजी का उपयोग करे
- 1600 MW न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए विदेशी टेक्नो-कोलैबोरेशन अपनाए
- भारत की न्यूक्लियर क्षमता बढ़ाने के साथ लागत कम करे और R&D को मजबूत बनाए
NTPC Share History
1975 में एक कोयला आधारित पावर कंपनी के रूप में शुरू हुई NTPC आज सबसे तेजी से ऊर्जा विविधता की ओर बढ़ रही है। कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 84,848 MW है जिसमें शामिल हैं:
- कोयला आधारित ऊर्जा
- गैस और लिक्विड फ्यूल प्लांट
- हाइड्रो पावर
- सोलर पावर
- अब न्यूक्लियर एनर्जी
JV Nuclear Project
NTPC वर्तमान में NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited) के साथ एक ₹42,000 करोड़ के संयुक्त उद्यम (JV) में राजस्थान में एक बड़े न्यूक्लियर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
Conclusion
Maharatna PSU NTPC न्यूक्लियर बिजली उत्पादन में भारत का नेतृत्व करने की तैयारी में है। 700 MW, 1000 MW और 1600 MW क्षमता वाले प्लांट्स, 2047 तक 30 GW न्यूक्लियर कैपेसिटी योगदान का लक्ष्य, 1 GW पर ₹20,000 करोड़ तक की लागत, AERB द्वारा मंजूर साइट्स, UCIL के साथ यूरेनियम सुरक्षा समझौता, स्वदेशी PHWR टेक्नोलॉजी पर जोर और मल्टी-स्टेट लैंड पहचान—ये सभी कदम NTPC को भारत के ऊर्जा भविष्य का प्रमुख स्तंभ बनाने की दिशा में ले जा रहे हैं।
FAQs
Q1. NTPC कितनी क्षमता के न्यूक्लियर प्लांट स्थापित करेगा?
NTPC 700 MW, 1000 MW और 1600 MW क्षमता वाले न्यूक्लियर प्लांट्स भारत के कई राज्यों में लगाने की योजना बना रहा है।
Q2. NTPC का न्यूक्लियर एनर्जी लक्ष्य क्या है?
2047 तक भारत की प्रस्तावित 100 GW परमाणु क्षमता में 30 GW यानी 30% योगदान देना।
Q3. 1 GW न्यूक्लियर प्लांट की अनुमानित लागत कितनी है?
लगभग ₹15,000 से ₹20,000 करोड़।
Q4. नियामक मंजूरी कौन देता है?
AERB (Atomic Energy Regulatory Board) न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को मंजूरी देता है।
Q5. क्या NTPC यूरेनियम की सप्लाई के लिए कदम उठा रहा है?
हाँ, NTPC विदेशों में यूरेनियम परिसंपत्तियों की तलाश कर रहा है और UCIL के साथ टेक्निकल-व्यावसायिक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है।




